बेस अस्पताल श्रीनगर में 2.15 करोड़ की लागत से बनेगी बहुमंजिला पार्किंग

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / प्रदीप कुमार,
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल श्रीनगर में लंबे समय से बनी पार्किंग की समस्या के समाधान की दिशा में बड़ी पहल करते हुए अस्पताल परिसर में 2.15 करोड़ रुपये की लागत से बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। शासन ने इस परियोजना का निर्माण कार्य पेयजल निगम श्रीनगर को सौंपा है, जिसे जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सेंट्रल लैब के पीछे स्थित खाली भूमि पर बनने वाली पार्किंग से गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों से उपचार के लिए आने वाले मरीजों, तीमारदारों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में पार्किंग के अभाव में अस्पताल परिसर में वाहनों का दबाव बना रहता है, जिससे मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही प्रभावित होती है। नई पार्किंग बनने के बाद ओपीडी परिसर को वाहनों से मुक्त रखा जा सकेगा और अस्पताल की व्यवस्थाएं अधिक सुचारु होंगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि यह परियोजना अस्पताल की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान साबित होगी। उन्होंने निर्माण एजेंसी को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने और पर्याप्त श्रमिक लगाकर निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। पेयजल निगम के अधिकारियों ने बताया कि नई पार्किंग में 20 से अधिक चारपहिया और 65 दुपहिया वाहनों के पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
सेंट्रल लैब के पीछे स्थित खाली भूमि पर बनने वाली पार्किंग से गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों से उपचार के लिए आने वाले मरीजों, तीमारदारों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में पार्किंग के अभाव में अस्पताल परिसर में वाहनों का दबाव बना रहता है, जिससे मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही प्रभावित होती है। नई पार्किंग बनने के बाद ओपीडी परिसर को वाहनों से मुक्त रखा जा सकेगा और अस्पताल की व्यवस्थाएं अधिक सुचारु होंगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि यह परियोजना अस्पताल की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान साबित होगी। उन्होंने निर्माण एजेंसी को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने और पर्याप्त श्रमिक लगाकर निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। पेयजल निगम के अधिकारियों ने बताया कि नई पार्किंग में 20 से अधिक चारपहिया और 65 दुपहिया वाहनों के पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
