दुग्ध व्यवसाय बना कमला भंडारी की आत्मनिर्भरता का आधार

चमोली। कर्णप्रयाग विकासखंड के ग्राम नैनी निवासी कमला भंडारी ने दुग्ध व्यवसाय को स्वरोजगार का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है। कमला नंदा स्वायत्त सहकारिता नौटी से संबद्ध राजराजेश्वरी स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। आईएफएडी वित्तपोषित रीप ग्रामोत्थान परियोजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में उन्हें व्यक्तिगत उद्यम के लिए 30 हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिली। परियोजना के सहयोग और अपनी मेहनत से उन्होंने दुग्ध व्यवसाय को विस्तार दिया। वर्तमान में वह प्रतिदिन करीब 6 से 7 लीटर दूध बेचकर लगभग 7 से 8 हजार रुपये मासिक आय अर्जित कर रही हैं। कमला भंडारी ने पारंपरिक आजीविका साधन को नियमित आय के स्रोत में बदलकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की है। उनका प्रयास अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार की प्रेरणा बन रहा है।
