सीडीओ ने कॉर्न विलेज सैंजी का किया निरीक्षण, किसानों की आय बढ़ाने पर दिया जोर

नई टिहरी। मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने विकासखंड जौनपुर के ग्राम सैंजी में विकसित किए जा रहे कॉर्न विलेज का निरीक्षण कर किसानों से संवाद किया। उन्होंने स्वीट कॉर्न की फसल का जायजा लिया और उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने बताया कि सैंजी सहित नौ गांवों के किसानों को स्वीट कॉर्न, हाइब्रिड मक्का, राजमा और बीन्स के उन्नत बीज उपलब्ध कराए गए हैं तथा तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों को अपने खेतों की स्वीट कॉर्न का स्वाद भी चखाया। सीडीओ ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेतों की घेरबाड़ कराने, किसान समूहों को मक्का थ्रेशर उपलब्ध कराने और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
डायट की वार्षिक कार्ययोजना पर किया मंथन
नई टिहरी। मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में डायट नई टिहरी की कार्यक्रम परामर्शी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2025-26 की प्रगति की समीक्षा तथा 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना पर चर्चा की गई। बताया गया कि समग्र शिक्षा के तहत एफएलएन, कौशलम, आनंदम, अबेकस और एसएमसी सहित विभिन्न कार्यक्रमों में हजारों शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को प्रशिक्षण दिया गया। सीडीओ ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक परिणामोन्मुख बनाने, कमजोर परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों के शिक्षकों को प्राथमिकता देने तथा प्रशिक्षण के प्रभाव का मूल्यांकन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रशिक्षण की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और शैक्षणिक परिणामों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
सम्मेलन में जल संरक्षण में ग्राम पंचायतों की भूमिका पर दिया जोर
नई टिहरी। मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की मौजूदगी में जनपद स्तरीय पंच सम्मेलन एवं जल उत्सव-जल संरक्षण अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया। सीडीओ ने कहा कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, भूजल पुनर्भरण, वाटरशेड विकास और वनीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसमें ग्राम पंचायतों की भूमिका अहम है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। सारा के हाइड्रो जियोलॉजिस्ट डॉ. पंकज शेकवाल ने वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण पर विस्तार से जानकारी दी तथा जनभागीदारी को जल संरक्षण की सफलता की कुंजी बताया।
