ऋषिपर्णा नदी के पुनर्जीवन का अभियान शुरू, जीर्णाेद्धार की कार्ययोजना तैयार

सुमित तिवारी / उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
देहरादून। जिला प्रशासन ने देहरादून की जीवनरेखा मानी जाने वाली ऋषिपर्णा (रिस्पना) नदी के पुनर्जीवन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उद्गम स्थल से इसके जीर्णाेद्धार का अभियान शुरू कर दिया है। प्रथम चरण में बार्लाेगंज से काठबंगला तक लगभग 10 किलोमीटर क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण पूरा कर कार्ययोजना तैयार की गई है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आयोजित जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और भविष्य की जीवनरेखा हैं। उन्होंने स्रोत क्षेत्र में भू-जल पुनर्भरण के लिए चेकडैम निर्माण, व्यापक पौधरोपण, सौंदर्यीकरण और ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण पर जोर दिया। साथ ही साबरमती नदी पुनर्जीवन से जुड़े विशेषज्ञों का तकनीकी सहयोग लेने और अभियान को जनभागीदारी आधारित बनाने के निर्देश दिए। नगर निगम और नगर पालिका को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने, सिंचाई विभाग को चेकडैम निर्माण की प्रक्रिया तेज करने तथा नदी में गिरने वाले नालों के दूषित जल के उपचार और सिंगल यूज प्लास्टिक रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। नदी में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और भविष्य की जीवनरेखा हैं। उन्होंने स्रोत क्षेत्र में भू-जल पुनर्भरण के लिए चेकडैम निर्माण, व्यापक पौधरोपण, सौंदर्यीकरण और ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण पर जोर दिया। साथ ही साबरमती नदी पुनर्जीवन से जुड़े विशेषज्ञों का तकनीकी सहयोग लेने और अभियान को जनभागीदारी आधारित बनाने के निर्देश दिए। नगर निगम और नगर पालिका को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने, सिंचाई विभाग को चेकडैम निर्माण की प्रक्रिया तेज करने तथा नदी में गिरने वाले नालों के दूषित जल के उपचार और सिंगल यूज प्लास्टिक रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। नदी में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।
