मुख्यमंत्री ने किया ‘’सेवा विधि’‘ पुस्तक का विमोचन

विकास गर्ग / उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में पूर्व अपर सचिव आर.सी. लोहनी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सेवा विधि‘ का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में नियुक्त प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का कर्तव्य होता है कि वह सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और पूरे समर्पण के साथ राज्य के विकास में अपनी सहभागिता निभाए। किन्तु किसी भी व्यवस्था को सुचारू, सरल और त्वरित रूप से चलाने के लिए नियमों और प्रक्रियाओं की सही जानकारी होना अनिवार्य है। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद अब तक ऐसी कोई पुस्तक उपलब्ध नहीं थी, जिसमें सरकारी सेवा से जुड़े नियम, संवैधानिक प्रावधान, शासनादेश और माननीय न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णय एक ही स्थान पर सरल और व्यवस्थित रूप में मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मात्र एक पुस्तक नहीं है, बल्कि हमारे प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक व्यवहारिक मार्गदर्शिका है, जो उन्हें अपने सेवाकाल में हर कदम पर सही दिशा और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने का काम करेगी। सरकारी नौकरी को सेवा इसलिए कहा जाता है क्योंकि जब कोई व्यक्ति सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता है, तो उसका हर निर्णय सीधे तौर पर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है।
पुस्तक के लेखक श्री आर.सी. लोहनी ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से सरकारी सेवाओं में संवैधानिक व्यवस्थाओं, अधिनियमों, नियमों, विनियमों एवं शासनादेशों तथा मा. उच्चतम न्यायालय तथा मा० उच्च न्यायालयों द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतो को ध्यान में रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में नियुक्त प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का कर्तव्य होता है कि वह सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और पूरे समर्पण के साथ राज्य के विकास में अपनी सहभागिता निभाए। किन्तु किसी भी व्यवस्था को सुचारू, सरल और त्वरित रूप से चलाने के लिए नियमों और प्रक्रियाओं की सही जानकारी होना अनिवार्य है। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद अब तक ऐसी कोई पुस्तक उपलब्ध नहीं थी, जिसमें सरकारी सेवा से जुड़े नियम, संवैधानिक प्रावधान, शासनादेश और माननीय न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णय एक ही स्थान पर सरल और व्यवस्थित रूप में मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मात्र एक पुस्तक नहीं है, बल्कि हमारे प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक व्यवहारिक मार्गदर्शिका है, जो उन्हें अपने सेवाकाल में हर कदम पर सही दिशा और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने का काम करेगी। सरकारी नौकरी को सेवा इसलिए कहा जाता है क्योंकि जब कोई व्यक्ति सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता है, तो उसका हर निर्णय सीधे तौर पर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है।
पुस्तक के लेखक श्री आर.सी. लोहनी ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से सरकारी सेवाओं में संवैधानिक व्यवस्थाओं, अधिनियमों, नियमों, विनियमों एवं शासनादेशों तथा मा. उच्चतम न्यायालय तथा मा० उच्च न्यायालयों द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतो को ध्यान में रखा गया है।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, पूर्व अपर सचिव भूपेश तिवारी, जी.बी. ओली, रमेशचन्द्र शर्मा, हन्सादत्त पाण्डेय, पूर्व संयुक्त सचिव नवीन सिंह तडानी सहित डॉ. डी.एस. रावत, कर्नल(से.नि.) शिव सहरावत, वैज्ञानिक(से.नि.) पी.सी.वर्मा, उपायुक्त परिवहन सुनील शर्मा, अनुभाग अधिकारी आदि उपस्थित थे।
