सौरगाड़ नदी में किया 20 हजार महाशीर मत्स्य बीजों का संचय

रुद्रप्रयाग। राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस के अवसर पर जनपद रुद्रप्रयाग में जलीय जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए मंदाकिनी नदी की सहायक सौरगाड़ नदी में 20 हजार महाशीर मत्स्य बीजों का संचय किया गया।
भीमताल मत्स्य प्रजनन केंद्र से लाए गए महाशीर बीजों को वैज्ञानिक विधि से नदी में छोड़ा गया। मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि महाशीर उत्तराखंड की दुर्लभ एवं प्रमुख मत्स्य प्रजाति है। इसके संरक्षण से नदियों की पारिस्थितिकी मजबूत होगी और स्थानीय लोगों की आजीविका को भी लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में मत्स्य संरक्षण, नदी स्वच्छता एवं प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने लोगों से अवैध मत्स्य आखेट रोकने और संरक्षण अभियानों में सहयोग की अपील की। इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट, मत्स्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने नदियों और जलीय जीवों के संरक्षण का संकल्प लिया।
