जनसुनवाई में डीएम ने सुनीं 90 शिकायतें, 48 का मौके पर निस्तारण, शेष पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
विकास गर्ग / उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित 90 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 48 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। जनसुनवाई में भूमि विवाद, राशन कार्ड, पेयजल, विद्युत, जलनिकासी, अतिक्रमण, अधूरे निर्माण कार्य, लंबित वेतन और ग्रामीण विकास से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का संवेदनशीलता, गुणवत्ता और निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बार-बार आने वाली शिकायतों को प्राथमिकता से निस्तारित किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी स्वयं स्थलीय निरीक्षण करें। बैठक में सीएम हेल्पलाइन की भी समीक्षा की गई। डीएम ने 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए। समीक्षा में एल-1 स्तर पर 501 और एल-2 स्तर पर 151 शिकायतें लंबित पाई गईं, जिनके शीघ्र समाधान के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

59 शिकायतें सुन अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
टिहरी। नई टिहरी कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता दरबार में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने विभिन्न विभागों से संबंधित 59 जनसमस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। पेयजल, विद्युत, वन, ग्राम पंचायत, सड़क और मुआवजा संबंधी शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने को कहा गया। बरसात के दौरान गंदे पेयजल की शिकायतों पर जल निगम और जल संस्थान को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जन समर्पण पोर्टल पर लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

21 शिकायतों पर डीएम सख्त, समयबद्ध समाधान के निर्देश
पौड़ी। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़ी 21 शिकायतें दर्ज हुईं। जिलाधिकारी ने अधिकांश मामलों का मौके पर निस्तारण कराया, जबकि शेष शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का समाधान शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ होना चाहिए तथा स्थलीय निरीक्षण से पहले शिकायतकर्ता को सूचना देना अनिवार्य है। पेयजल, वन्यजीव संघर्ष, जर्जर पेड़ों और आपदा संबंधी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही पूर्व में प्राप्त शिकायतों की प्रगति की समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
16 शिकायतों पर सुनवाई, क्षतिग्रस्त विद्यालयों के लिए नाबार्ड से बनेंगे प्रस्ताव
चमोली। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को गोपेश्वर स्थित जिला सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त 16 जनशिकायतों की सुनवाई की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में ग्राम चमसिल निवासी जगदीश प्रसाद की पेयजल मरम्मत भुगतान संबंधी शिकायत पर जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच कर शीघ्र आख्या देने के निर्देश दिए गए। गोपेश्वर निवासी जयंती देवी की सीवरेज समस्या के समाधान के लिए जल संस्थान और नगर निकाय को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। खल्ला मंडल स्थित प्राथमिक विद्यालय की क्षतिग्रस्त चारदीवारी के मामले में मुख्य शिक्षा अधिकारी को जनपद के सभी जर्जर विद्यालयों के लिए नाबार्ड के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कराने के निर्देश दिए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share
error: Content is protected !!