15 दिन में दिखे सफाई व्यवस्था का असर, लापरवाही पर होगी कार्रवाई: डीएम

हरिद्वार। जनपद में कचरा एवं ठोस अपशिष्ट के प्रभावी निस्तारण और स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, पंचायतीराज एवं खंड विकास अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहरी से ग्रामीण क्षेत्रों तक सफाई व्यवस्था में अगले 15 दिनों के भीतर धरातल पर स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि कचरा प्रबंधन को अधिक जवाबदेह, वैज्ञानिक और डिजिटल बनाया जाए। उन्होंने घरों, फैक्ट्रियों, दुकानों, होटल-ढाबों और चिकित्सालयों से निकलने वाले गीले-सूखे कचरे, प्लास्टिक, मेडिकल वेस्ट, सैनिटरी नैपकिन और डायपर के पृथक निस्तारण हेतु कूड़ा वाहनों में चार अलग-अलग कंटेनर रखने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में साफ-सफाई व्यवस्था सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। उन्होंने स्वच्छता अभियान को पुनः गति देने के लिए अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर अभियान चलाने की अपील की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र समेत कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
