लोक संस्कृति की अनूठी झलक, तीन पीढ़ियां एक मंच पर

श्रीनगर। नरेन्द्र संगीत सप्ताह के दौरान लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी के गीतों को तीन पीढ़ियों द्वारा एक साथ मंच पर प्रस्तुत किया गया, जिसने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। रुद्रप्रयाग से आई 10 वर्षीय आराध्या पुरोहित ने “जै बदरी केदारनाथ गंगोत्री जै-जै” गीत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुन्ती दयाल फाउंडेशन के अध्यक्ष दिगमोहन नेगी ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भाषा और संस्कृति संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने नरेन्द्र सिंह नेगी को गढ़वाली गायन की “पहली पाठशाला” बताया। लोकगायक अनिल बिष्ट ने भी नेगी जी के गीतों और अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम में विभिन्न कलाकारों ने लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिनमें “बेटी ब्वारी पहाड़ू की” और “तेरो भाग त्वे दगड़ी” जैसे गीत शामिल रहे।
