विरोध के बाद जनसंवाद की राह पर मेला प्रशासन, पहले सुनी जाती जनता की आवाज

हरिद्वार। सामाजिक कार्यकर्ता पं. कपिल शर्मा जौनसारी ने कहा कि अर्धकुंभ को लेकर विरोध और सवाल उठने के बाद मेला प्रशासन द्वारा व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से संवाद करना स्वागतयोग्य है, लेकिन जनता की समस्याएं सुनने के लिए विरोध का इंतजार क्यों करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सड़कों की खुदाई, यातायात, पार्किंग, जल निकासी और निर्माण कार्यों से व्यापारी व स्थानीय लोग परेशान हैं। करोड़ों रुपये की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, लेकिन उनका धरातल पर असर कब दिखेगा, यह जनता जानना चाहती है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए होने चाहिए, जनता को परेशान करके नहीं। कपिल शर्मा ने मांग की कि बैठकों में उठाए गए मुद्दों पर जिम्मेदारी और समयसीमा तय कर सार्वजनिक जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि संवाद अच्छी पहल है, लेकिन लोकतंत्र में संवाद विरोध के बाद नहीं, विरोध से पहले होना चाहिए।
