30.33 करोड़ रुपये की धनराशि पर हुआ समझौता

देहरादून। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देश पर शनिवार को देहरादून जनपद में वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय देहरादून के साथ ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी और चकराता स्थित बाह्य न्यायालयों में आयोजित लोक अदालत में कुल 12,444 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 30,33,93,475 रुपये की धनराशि पर समझौता हुआ।
जिला मुख्यालय देहरादून में फौजदारी के शमनीय 242, चेक संबंधी 742, धन वसूली के चार, मोटर दुर्घटना क्लेम के 73, पारिवारिक विवाद के 158, पब्लिक यूटिलिटी सर्विस के 29, मोटर वाहन अधिनियम के 3,858, अन्य सिविल प्रकृति के 137 तथा अन्य समझौते योग्य 13 मामलों सहित कुल 5,541 मामलों का निस्तारण हुआ। यहां 26,49,89,532 रुपये की धनराशि पर समझौता किया गया। बाह्य न्यायालय विकासनगर में 1,316, ऋषिकेश में 557, डोईवाला में 179, मसूरी में 55 और चकराता में 73 मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं विभिन्न बैंकों एवं संस्थानों से जुड़े प्री-लिटिगेशन के 6,903 मामलों का भी निस्तारण हुआ, जिसमें 3,84,03,943 रुपये की धनराशि पर समझौता हुआ। जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष हरीश कुमार गोयल ने कहा कि लोक अदालतें आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों के निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होते हैं तथा निस्तारण के बाद जमा न्याय शुल्क भी पक्षकारों को वापस किया जाता है।
