अगस्त्यमुनि की महिलाएं बद्री-केदार के स्मृति चिह्न बनाकर बन रहीं आत्मनिर्भर

रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयासों के तहत अगस्त्यमुनि विकासखंड की महिलाएं स्थानीय संस्कृति और धार्मिक आस्था को रोजगार का माध्यम बना रही हैं। ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना से जुड़ी ईस्ट घंडियाल बद्री-केदार स्वयं सहायता समूह की 6-7 महिलाएं बद्रीनाथ, केदारनाथ, धारी देवी, कार्तिक स्वामी और कालीमठ मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों के आकर्षक स्मृति चिह्न तैयार कर रही हैं। पहाड़ी शैली में बनाए गए मंदिरों और भवनों के मॉडल श्रद्धालुओं व पर्यटकों को पसंद आ रहे हैं। समूह से जुड़ी दिव्या पढ़ाई के साथ धूपबत्ती, अगरबत्ती और स्मृति चिह्न तैयार कर रही हैं।
खंड विकास अधिकारी सुरेश शाह ने बताया कि महिलाओं को प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता दी जा रही है। उत्पादों की बिक्री सरस केंद्रों, स्थानीय बाजारों और ऑनलाइन माध्यम से हो रही है। समूह ने 2024-25 में 2.54 लाख और 2025-26 में 3.95 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमाया। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक करीब 7 लाख रुपये की बिक्री और 2.75 लाख रुपये लाभ अर्जित किया जा चुका है।
