उत्तराखंड में एनईपी-2020 के सभी प्रावधान होंगे शत-प्रतिशत लागू: डा. धन सिंह

देहरादून। राज्य उच्च शिक्षा परिषद की 13वीं बैठक में उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के सभी प्रावधानों को शत-प्रतिशत लागू करने का निर्णय लिया गया। सचिवालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने की। बैठक में एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई तथा पिछली बैठक के निर्णयों का अनुमोदन किया गया। देवभूमि उद्यमिता कार्यक्रम, संकाय विकास कार्यक्रम, भारतीय ज्ञान प्रणाली, पीएम-ऊषा, निजी विश्वविद्यालय मॉडल अधिनियम और समर्थ पोर्टल के प्रभावी उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
डॉ. रावत ने बताया कि परिषद ने कैरियर एडवांसमेंट स्कीम, भारत दर्शन योजना के लिए प्रतिभागियों का चयन, महाविद्यालयों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने, परीक्षा परिणामों से संबंधित शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, स्वायत्तशासी एवं आदर्श महाविद्यालयों के निरीक्षण, प्राध्यापकों के शैक्षणिक उन्नयन तथा एंटी ड्रग सेल के गठन जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की।
उन्होंने कहा कि अब राज्य उच्च शिक्षा परिषद की बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाएगी, जिसमें एनईपी-2020 के क्रियान्वयन, शिक्षा की गुणवत्ता, परीक्षा की पारदर्शिता, महाविद्यालयों को स्वायत्तता, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों, उद्यमिता विकास और नशामुक्ति अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि अगले छह माह के भीतर प्रत्येक विश्वविद्यालय में पांच और प्रत्येक महाविद्यालय में दो राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इनमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, प्रदेश सरकार के मंत्री तथा विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे। साथ ही सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आगामी 10 से 15 अगस्त तक सभी शिक्षण संस्थानों में तिरंगा यात्रा निकालने के भी निर्देश दिए गए, जिसमें छात्र, शिक्षक और कर्मचारी सक्रिय भागीदारी करेंगे।
