भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य, अटूट संकल्प और सर्वाेच्च बलिदान का अमर अध्याय है कारगिल विजय: मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय कारगिल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में आयोजित सैनिक सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं, शहीदों के परिजनों तथा सैन्य विभूतियों का सम्मान किया। कार्यक्रम में देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजय कारगिल दिवस भारतीय सेना के अद्वितीय पराक्रम, अटूट संकल्प, दृढ़ इच्छाशक्ति और अदम्य साहस का वह गौरवशाली अध्याय है, जो भारत के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। उन्होंने कहा कि अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, जमा देने वाली ठंड, दुर्गम पहाड़ियों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस और अद्भुत शौर्य का परिचय देते हुए देश की विजय सुनिश्चित की। कारगिल विजय हमारे वीर सैनिकों के सर्वाेच्च बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके अटूट समर्पण की अमर गाथा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वीरता और बलिदान की चर्चा होती है, देवभूमि उत्तराखंड का नाम गर्व के साथ लिया जाता है। प्रदेश के लगभग हर दूसरे घर का कोई न कोई सदस्य भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहा है। इसी कारण उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया। इन अमर सपूतों का बलिदान प्रदेश और देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये किया गया है। देहरादून के गुनियाल गांव में राज्य के पांचवें धाम के रूप में निर्माणाधीन सैन्य धाम का निर्माण अंतिम चरण में है। यह सैन्य धाम देश के अमर बलिदानियों की वीरता और उत्तराखंड की सैन्य परंपरा की जीवंत गाथा बनेगा। इसके साथ ही खटीमा और टनकपुर के बीच भव्य सैन्य स्मारकन स्थापित करने का संकल्प भी लिया गया है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, वीर सैनिक, पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, शहीदों के परिजन, सैन्य अधिकारी, सम्मानित कविगण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में प्रदेशवासी उपस्थित रहे।
