कांवड़ यात्रा की तैयारियां समय से पूरी करने के जिलाधिकारी ने दिए निर्देश

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / प्रदीप कुमार,
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से 25 जुलाई तक सभी तैयारियां हर हाल में पूरी करने के निर्देश दिए। यात्रा क्षेत्र को प्रभावी प्रबंधन के लिए सात जोन और 23 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।
बैठक में स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, यातायात, पार्किंग, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अधिक भीड़ वाले स्थानों पर स्थायी पिंक टॉयलेट, फीडिंग रूम और सैनिटरी वेंडिंग मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सभी शौचालयों, पेयजल कनेक्शनों और सफाई व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों पर सभी लाइटों का परीक्षण, अतिरिक्त हाईमास्ट व सोलर लाइट लगाने, पैदल मार्गों की मरम्मत, जलभराव व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने तथा जेसीबी सहित आवश्यक संसाधनों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने पार्किंग स्थलों पर शुल्क सूची प्रदर्शित करने, भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और नियमित स्थलीय निरीक्षण पर भी विशेष जोर दिया, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
बैठक में स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, यातायात, पार्किंग, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अधिक भीड़ वाले स्थानों पर स्थायी पिंक टॉयलेट, फीडिंग रूम और सैनिटरी वेंडिंग मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सभी शौचालयों, पेयजल कनेक्शनों और सफाई व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों पर सभी लाइटों का परीक्षण, अतिरिक्त हाईमास्ट व सोलर लाइट लगाने, पैदल मार्गों की मरम्मत, जलभराव व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने तथा जेसीबी सहित आवश्यक संसाधनों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने पार्किंग स्थलों पर शुल्क सूची प्रदर्शित करने, भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और नियमित स्थलीय निरीक्षण पर भी विशेष जोर दिया, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
