विकास कार्यों में देरी पर तय होगी जवाबदेही, डीएम ने दिए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों के निर्देश

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / प्रदीप कुमार,
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित योजनाओं और 20 सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में देरी, लापरवाही और गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
उन्होंने निर्माणदायी विभागों को लंबित निविदाएं शीघ्र पूर्ण कर कार्य शुरू करने और वर्ष 2025-26 की अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। कनिष्ठ अभियंताओं को नियमित फील्ड निरीक्षण, ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का मौके पर समाधान तथा दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में रहकर जिम्मेदारी निभाने को कहा। कृषि, उद्यान, पशुपालन और ग्रामीण विकास विभागों को योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने तथा ग्रामीण उत्पादों के विपणन को मजबूत करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने अस्पतालों, विद्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों में बिजली, पेयजल और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। साथ ही कंडोलिया मैदान और रांसी स्टेडियम से जुड़े कार्यों को शीघ्र पूरा करने, प्रमुख ग्रामीण बाजारों में मॉडल सार्वजनिक शौचालय विकसित करने तथा युवाओं के लिए प्लेसमेंट ड्राइव और कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और जल निगम को सड़क एवं पेयजल परियोजनाएं अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी उपचार, सुरक्षा मानकों का पालन और वर्षा से बाधित मोटर मार्गों को 24 घंटे के भीतर खोलने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल बजट खर्च करना नहीं, बल्कि धरातल पर गुणवत्तापूर्ण परिणाम सुनिश्चित करना है।
