उत्तराखण्ड बना ग्रामीण उद्यम इन्क्यूबेशन कार्यक्रम शुरू करने वाला उत्तर भारत का पहला राज्य

देहरादून। उत्तराखण्ड ने ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीण उद्यम इन्क्यूबेशन कार्यक्रम शुरू करने वाला उत्तर भारत का पहला राज्य बन गया है। देहरादून स्थित सिविल सर्विसेज इंस्टीट्यूट में मंगलवार को बिजनेस एंड हैंडहोल्डिंग यूनिट फॉर लाइवलीहुड इन्क्यूबेशन यानी ‘भुली’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर एमआईएस पोर्टल और कार्यक्रम की बुकलेट का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि ‘भुली’ उत्तराखण्ड की मातृशक्ति के सपनों को पंख देने का अभियान है। आईआईएम काशीपुर के सहयोग से महिला उद्यमी रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनेंगी। उन्होंने कहा कि इस योजना को 150 उद्यमियों तक सीमित न रखते हुए राज्य स्तर पर विस्तार दिया जाएगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी यूएसआरएलएम झरना कमठान ने बताया कि आईआईएम काशीपुर फिड के तकनीकी सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमियों को व्यावसायिक मार्गदर्शन और मजबूत बाजार उपलब्ध कराना है। योजना में 150 उद्यमियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें प्रशिक्षण, अनुदान और ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा मिलेगी। ग्राम्य विकास सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल एवं आईआईएम काशीपुर निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी ने भी कार्यक्रम को ग्रामीण महिला उद्यमिता के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। समारोह में 13 जिलों से आई महिला उद्यमियों ने प्रतिभाग किया।
