जिलाधिकारी पहुंचीं दूरस्थ गांवों में, चौपालों में सुनीं समस्याएं, मौके पर दिए समाधान

पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के विजन को धरातल पर उतारते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने धुमाकोट, संगलिया और आसपास के गांवों में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धुमाकोट का निरीक्षण कर ओपीडी, प्रसव कक्ष, औषधि भंडारण और अभिलेखों की समीक्षा की। व्यवस्थाओं में खामियां पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने दवाओं के स्टॉक और पोर्टल संचालन में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए। धुमाकोट बाजार में व्यापारियों से संवाद कर कूड़ा निस्तारण, पार्किंग और मूलभूत सुविधाओं पर चर्चा की गई। वहीं संगलिया में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल, शिक्षा, रोजगार और वन्यजीव सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कीवी उत्पादन से स्वरोजगार स्थापित करने वाले कुलदीप सिंह रावत को सम्मानित किया तथा आंगनबाड़ी केंद्र का शुभारंभ भी किया। ग्रामीणों ने पहली बार जिलाधिकारी के गांव पहुंचकर समस्याएं सुनने की पहल की सराहना की।
जिलाधिकारी ने शंकरपुर चौपाल में सुनी जनसमस्याएं
पौड़ी। जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में जनसुविधाओं की स्थिति का आकलन करने के लिए जिलाधिकारी ने शंकरपुर क्षेत्र का व्यापक भ्रमण किया। राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज शंकरपुर में आयोजित चौपाल में उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।
चौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, नेटवर्क कनेक्टिविटी और अधूरे विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं उठाईं। जिलाधिकारी ने नैनीडांडा क्षेत्र में अधूरे मिनी स्टेडियम के लिए प्रस्ताव जिला स्तर पर भेजने के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत पर एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था सुधारने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल और सुरक्षित सड़क व्यवस्था प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
