भारतीय न्याय संहिता, मानवाधिकारों की दी जानकारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के डॉ. अम्बेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एवं निःशुल्क सिविल सेवा कोचिंग योजना के संयुक्त तत्वावधान में “बीएनएस के अंतर्गत मानवाधिकार एवं आपराधिक न्याय” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सिविल सेवा अभ्यर्थियों और विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जेल अधीक्षक अभिलाष गैरोला ने भारतीय न्याय संहिता, मानवाधिकारों और आपराधिक न्याय प्रणाली के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने भारतीय दंड संहिता और भारतीय न्याय संहिता के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए नई न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बताया। उन्होंने बंदियों के अधिकार, न्यायपालिका की भूमिका, निष्पक्ष सुनवाई और निःशुल्क विधिक सहायता के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने मानवाधिकार, कारागार प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका विस्तार से उत्तर दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय डॉ. आशीष बहुगुणा ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
