356 गर्भवतियों की जांच, 39 हाई-रिस्क मामलों की पहचान

रूद्रप्रयाग। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के 10 वर्ष पूर्ण होने पर रुद्रप्रयाग जनपद की 47 चिकित्सा इकाइयों में विशेष स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश के निर्देशन में आयोजित शिविरों में 356 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई तथा 39 उच्च जोखिम (हाई-रिस्क) गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें विशेष परामर्श और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। अगस्त्यमुनि में 150, जखोली में 110 और ऊखीमठ में 67 महिलाओं की जांच की गई, जबकि 34 गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड भी किए गए। हाई-रिस्क मामलों में अगस्त्यमुनि की 21, जखोली की 12 और ऊखीमठ की 6 महिलाएं शामिल हैं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीमा टेकचंदानी ने बताया कि महिलाओं और उनके परिजनों को नियमित जांच, अल्ट्रासाउंड, संस्थागत प्रसव और गर्भावस्था संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षित मातृत्व के लिए समय पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श को आवश्यक बताया है।
