500 से अधिक किशोरियों को वितरित किए सैनिटरी नैपकिन, किया जागरूक

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। अंतर्राष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा जनपद पौड़ी गढ़वाल के सभी विकासखंडों में व्यापक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से किशोरियों और महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वच्छता और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
अभियान के दौरान 500 से अधिक किशोरियों को निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन वितरित किए गए। साथ ही सैनिटरी नैपकिन के सुरक्षित उपयोग, उचित निस्तारण और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि विभाग द्वारा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें भी स्थापित कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर जागरूकता और स्वच्छता बेहद जरूरी है। कार्यक्रमों में किशोरियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मविश्वास से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। विभाग ने कहा कि ऐसे अभियान महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं सम्मानजनक जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

माहवारी स्वच्छता दिवस पर महिलाओं और किशोरियों को किया जागरूक
रुद्रप्रयाग। अंतर्राष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग रुद्रप्रयाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को माहवारी स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक करना रहा।
बाल विकास परियोजना अधिकारी शैली प्रजापति ने कहा कि माहवारी को हीन भावना से देखने की मानसिकता समाप्त होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की डॉ. साक्षी ने मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने और समय-समय पर सेनेटरी पैड बदलने की सलाह दी। वहीं डॉ. रुचिका ने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक एवं हार्माेनल परिवर्तनों की जानकारी दी। कार्यशाला में महिलाओं को संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीने और आयरन युक्त भोजन लेने के प्रति भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को सेनेटरी नैपकिन वितरित किए गए। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियां मौजूद रहीं।
