वन संरक्षक डॉ. विनय भार्गव ने की चमोली में वनाग्नि प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / कमलेश पुरोहित,
चमोली। वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम को लेकर वन संरक्षक एवं नोडल फायर डॉ. विनय भार्गव ने मंगलवार को वन विभाग की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न वन प्रभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर वनाग्नि नियंत्रण व्यवस्थाओं, उपलब्ध संसाधनों और फायर रिस्पॉन्स सिस्टम की स्थिति की समीक्षा की। धनपुर स्थित वन विश्राम भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि वनाग्नि नियंत्रण में लगे फील्ड कार्मिकों की सुरक्षा विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरण, संचार साधन और त्वरित समन्वय व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बद्रीनाथ वन प्रभाग, केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग और अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग में हुई वनाग्नि घटनाओं का विश्लेषण किया गया। साथ ही फायर अलर्ट, नियंत्रण कार्रवाई और विभागीय तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. भार्गव ने फायर अलर्ट पर तत्काल प्रतिक्रिया और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न फायर क्रू स्टेशनों और वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया तथा दिवंगत फायर वॉचर राजेन्द्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में बद्रीनाथ वन प्रभाग, केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग और अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग में हुई वनाग्नि घटनाओं का विश्लेषण किया गया। साथ ही फायर अलर्ट, नियंत्रण कार्रवाई और विभागीय तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. भार्गव ने फायर अलर्ट पर तत्काल प्रतिक्रिया और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न फायर क्रू स्टेशनों और वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया तथा दिवंगत फायर वॉचर राजेन्द्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।
