पेपर लीक मामलों पर कांग्रेस का हमला, नीट पर न्यायिक जांच की मांग

सुमित तिवारी / उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को पत्र लिखकर प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक मामलों पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इसे युवाओं के हितों पर “कुठाराघात” बताया।
प्रदेश कांग्रेस मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजीव महर्षि ने जानकारी दी कि पत्र में छम्म्ज् सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं, पेपर लीक और सॉल्वर गैंग की घटनाओं पर सवाल उठाए गए हैं। गोदियाल ने कहा कि इन घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिससे छात्रों का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने कहा कि मेहनती और प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। गणेश गोदियाल ने केंद्र सरकार से मांग की कि छम्म्ज् पेपर लीक की उच्चतम न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में न्यायिक जांच कराई जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, परीक्षा प्रणाली में बायोमेट्रिक और सीसीटीवी जैसी आधुनिक तकनीक अनिवार्य की जाए तथा जरूरत पड़ने पर पुनः परीक्षा आयोजित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सख्त कानून बनाया जाना चाहिए, ताकि छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।
प्रदेश कांग्रेस मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजीव महर्षि ने जानकारी दी कि पत्र में छम्म्ज् सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं, पेपर लीक और सॉल्वर गैंग की घटनाओं पर सवाल उठाए गए हैं। गोदियाल ने कहा कि इन घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिससे छात्रों का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने कहा कि मेहनती और प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। गणेश गोदियाल ने केंद्र सरकार से मांग की कि छम्म्ज् पेपर लीक की उच्चतम न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में न्यायिक जांच कराई जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, परीक्षा प्रणाली में बायोमेट्रिक और सीसीटीवी जैसी आधुनिक तकनीक अनिवार्य की जाए तथा जरूरत पड़ने पर पुनः परीक्षा आयोजित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सख्त कानून बनाया जाना चाहिए, ताकि छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।
नीट पेपर लीक पर कांग्रेस का तीखा हमला, परीक्षा रद्द करने की मांग
देहरादून। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और इसे युवाओं के भविष्य के साथ “खिलवाड़” बताया। उन्होंने कहा कि एनटीए की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और 2017 में इसके गठन के बाद से कई परीक्षाओं में अनियमितताएं और पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी है और बार-बार पेपर लीक से छात्रों और अभिभावकों का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने दावा किया कि नीट परीक्षा से जुड़े प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर पहले से ही वायरल हो रहे थे, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक विफलता बताया। कांग्रेस ने मांग की कि नीट परीक्षा को रद्द कर सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जाए, एनटीए की भूमिका की समीक्षा हो तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। साथ ही 2024 की नीट परीक्षा की भी जांच की मांग की गई।
