लालकुआं विधानसभा बनी ‘’हॉट सीट’’, दिग्गजों और नए चेहरों के बीच सियासी संग्राम तेज

नैनीताल। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले लालकुआं विधानसभा एक बार फिर प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है। राजनीतिक इतिहास और बड़े नेताओं की मौजूदगी के कारण यह सीट हमेशा से हाई-प्रोफाइल रही है, लेकिन इस बार दिग्गजों के साथ नए चेहरों की सक्रियता ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
इस सीट से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, हरीश चंद्र दुर्गापाल और गोविंद सिंह बिष्ट जैसे बड़े नेता चुनाव लड़ चुके हैं। भाजपा की ओर से वर्तमान विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, हालांकि पार्टी के भीतर दीपेंद्र कोश्यारी, नवीन दुमका, भरत नेगी, देवेंद्र बिष्ट, दिनेश खुल्बे और कमलेश चंदोला जैसे कई नेता भी टिकट की दौड़ में सक्रिय हैं।

कांग्रेस में भी दावेदारों की लंबी सूची है। नंदन दुर्गापाल, हरेंद्र बोरा, कुंदन मेहता, राजेंद्र खनवाल, प्रमोद कलोनी और हेम दुर्गापाल जैसे नेता टिकट के लिए प्रयासरत हैं। वहीं संध्या डालाकोटी महिला नेतृत्व के रूप में उभरती हुई मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। राज्य आंदोलनकारी भावना पाण्डेय भी चर्चा में हैं, जबकि उत्तराखंड क्रांति दल की सक्रियता से मुकाबला त्रिकोणीय होने के संकेत हैं।
स्थानीय मुद्दों में बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाना सबसे बड़ा चुनावी विषय बना हुआ है, जो हजारों मतदाताओं को प्रभावित करता है। इसके अलावा सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दे भी जनता के बीच प्रमुख हैं।
गौलापार क्षेत्र में विकास की धीमी रफ्तार को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। कुल मिलाकर, यह सीट इस बार राजनीतिक विरासत, नए चेहरों की चुनौती और स्थानीय मुद्दों के कारण बेहद रोचक हो गई है। आने वाले समय में टिकट वितरण और जनता का रुख चुनावी समीकरण तय करेगा।
