दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 17 लाख की स्मैक के साथ मां-बेटे गिरफ्तार

सुमित तिवारी / उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
देहरादून। मुख्यमंत्री के ’“ड्रग्स फ्री देवभूमि”’ अभियान और ऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस को नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने जोगीवाला चौक के पास से एक महिला समेत दो नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 56.56 ग्राम अवैध स्मैक, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और 7,120 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब 17 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मां-बेटे हैं। आरोपियों की पहचान अर्श उर्फ छररा (22 वर्ष) और उसकी मां आसमा (50 वर्ष) निवासी जोगीवाला चौक, नेहरू कॉलोनी के रूप में हुई है। सघन चेकिंग अभियान के दौरान मुखबिर की सूचना पर दोनों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि अर्श स्वयं भी नशे का आदी है और स्मैक को एक स्थानीय ड्रग पेडलर से खरीदकर लाया था। वह अपनी मां के साथ मिलकर इसे शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों और नशे के आदी लोगों को बेचकर मुनाफा कमाने की फिराक में था। इससे पहले कि वे अपने मंसूबों में कामयाब होते, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मां-बेटे हैं। आरोपियों की पहचान अर्श उर्फ छररा (22 वर्ष) और उसकी मां आसमा (50 वर्ष) निवासी जोगीवाला चौक, नेहरू कॉलोनी के रूप में हुई है। सघन चेकिंग अभियान के दौरान मुखबिर की सूचना पर दोनों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि अर्श स्वयं भी नशे का आदी है और स्मैक को एक स्थानीय ड्रग पेडलर से खरीदकर लाया था। वह अपनी मां के साथ मिलकर इसे शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों और नशे के आदी लोगों को बेचकर मुनाफा कमाने की फिराक में था। इससे पहले कि वे अपने मंसूबों में कामयाब होते, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
