राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन पर किया भारतीय ज्ञान परंपरा पर मंथन

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन तकनीकी सत्रों और समापन समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में इसके महत्व पर व्यापक चर्चा हुई। मुख्य अतिथि प्रो. के जी सुरेश ने भारतीय ज्ञान परंपरा को अनुभवपरक और जीवनोपयोगी बताते हुए डिकॉलोनाइजेशन और स्वदेशी बौद्धिक परंपराओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
विभिन्न सत्रों में आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक ज्ञान के समन्वय, स्थानीय भाषाओं, संस्कृति और मूल्यों के संरक्षण पर विचार रखे गए। वक्ताओं ने शिक्षा में भारतीय ज्ञान प्रणाली के समावेश को आवश्यक बताया। संगोष्ठी में शोधपत्र प्रस्तुत किए गए और अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
