हमारे संवाददाता
पिथौरागढ़। उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन की संवाद यात्रा मंगलवार को पिथौरागढ़ पहुंची। जिले के त्रिस्तरीय पंचायत के सदस्यों के साथ संवाद करते हुए यह बात उठाई गई कि 2 वर्ष का कार्यकाल बढ़ाने के बाद सरकार से 30 साल का आरक्षण का अधिकार भी लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी मांग संवैधानिक है। और इस मांग के लिए हम लगातार सरकार से संपर्क कर रहे है। अब सरकार की बारी है कि वह किए गए अपने वायदे को पूरा करें। जिला पंचायत सभागार में आयोजित संवाद यात्रा की बैठक में ग्राम प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष श्याम सुंदर सौन ने यात्रा के सदस्यों का स्वागत किया। स्मृति चिन्ह तथा शाल भेंट कर सम्मान की औपचारिकता निभाई गयी। इस मौके पर संगठन के प्रदेश संयोजक जगत मर्तोलिया ने कहा कि वह इस यात्रा के अनुभवों के आधार पर कह सकते है कि उत्तराखंड के 12 जिलों के 70 हजार पंचायत का सदस्य एकजुट है। उन्होंने कहा कि सांसद तथा विधायकों ने अपने लिए एक सीट को 30 साल के लिए आरक्षित करवा लिया है। इसलिए हमें काम किया है तो चुनाव लड़ने की नसीहत देते है।
हारने के डर से वह अपनी सीट बदलते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान अगर विधायी व्यवस्था को 30 साल का आरक्षण दे सकता है तो पंचायती व्यवस्था को भी यह अधिकार चाहिए। उन्होंने कहा कि यह यात्रा किसी भी सरकार या पार्टी के विरोध में नहीं है। सरकार की ओर से हमें सकारात्मक संदेश मिला है। मुख्यमंत्री इस मामले में बेहद संवेदनशील है। ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भास्कर सम्मल ने कहा कि बीते 2 वर्ष से उनका संगठन सरकार के सम्मुख 2 वर्ष कार्यकाल बढ़ाए जाने की मांग को उठा रहा था। आज उत्तराखंड में तीनों पंचायतें एक हो गई है। इससे इस मांग को अब बल मिला है।
उन्होंने कहा कि सरकार को अब इस पर विचार करना ही होगा। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान संगठन इस आंदोलन के साथ प्रारंभिक दिनों से ही खड़ा है। राज्य में जहां भी मुख्यमंत्री जा रहे है, वहा त्रिस्तरीय पंचायत संगठन की ओर से उन्हें उनके द्वारा दिए गए आश्वासन की याद दिलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले का विधि परीक्षण संगठन ने कर लिया है। संगठन सरकार के विधि विशेषज्ञों के साथ खुली बहस करने के लिए भी तैयार है। उसके लिए भी सरकार से तिथि घोषित किए जाने की मांग की गई है।
कलानी छीना की क्षेत्र प्रमुख सुनीता कन्याल ने कहा कि जिले के सभी क्षेत्र पंचायत सदस्य इस आंदोलन के साथ अंतिम समय तक खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि हम अपने हक के लिए लड़ने हम किसी भी सरकार का विरोध या समर्थन नहीं करते है। पिथौरागढ़ की क्षेत्र प्रमुख लक्ष्मी गोस्वामी ने कहा कि संगठन का जो भी आदेश होगा उसके अनुसार हर प्रकार के सहयोग के लिए क्षेत्र प्रमुख संगठन तैयार है। उन्होंने कहा कि हम तीनों पंचायतों के सदस्यों ब्लाक स्तर पर बातचीत करेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा ने कहा कि जिला पंचायत का एक-एक सदस्य इस आंदोलन के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष संगठन भी इस मांग को उठा रहा है। संवाद कार्यक्रम में रुद्रप्रयाग जिले के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह भंडारी, ऊखीमठ ब्लॉक के अध्यक्ष सुभाष सिंह रावत, ग्राम प्रधान कुंती नेगी, कविता रावत, सितारगंज के ग्राम प्रधान अमरजीत, मूनाकोट की प्रमुख नीमा वल्दिया, जिला पंचायत सदस्य चंदन वाणी, रुकमणी जोशी, बंशीधर भट्ट, कल्याण राम, हरीश जोशी, धर्मेंद्र कुमार, रविंद्र कुमार, मुकेश जोशी, महिपाल वल्दिया, गोपाल सिंह मेहता, हरीश कल्याण, दिवाकर जोशी, किशन धामी, देवराज रावत, नवीन कापड़ी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री कुंडल महर ने किया।