सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल था पूर्व मुख्यमंत्री खण्डूड़ी का जीवन: मुख्यमंत्री

सुमित तिवारी / उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो,
देहरादून/भराणीसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी (सेवानिवृत्त) के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय खण्डूड़ी जी एक अनुशासित सैनिक, समर्पित जनसेवक और कुशल प्रशासक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। उनका जीवन सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सदन में ऐसे महान व्यक्तित्व का स्मरण करना अत्यंत भावुक क्षण है। विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी भूषण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक बेटी के लिए उसके पिता ही उसके पहले नायक होते हैं, लेकिन जनरल खण्डूड़ी जी केवल उत्तराखण्ड के ही नहीं, बल्कि पूरे देश के नायक रहे। उन्होंने जीवन में जो भी जिम्मेदारी संभाली, उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया। उच्च पदों पर रहते हुए भी उन्होंने कभी अपने मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सदन में ऐसे महान व्यक्तित्व का स्मरण करना अत्यंत भावुक क्षण है। विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी भूषण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक बेटी के लिए उसके पिता ही उसके पहले नायक होते हैं, लेकिन जनरल खण्डूड़ी जी केवल उत्तराखण्ड के ही नहीं, बल्कि पूरे देश के नायक रहे। उन्होंने जीवन में जो भी जिम्मेदारी संभाली, उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया। उच्च पदों पर रहते हुए भी उन्होंने कभी अपने मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।

जनसरोकारों के प्रति समर्पित रहा स्व. हीरा सिंह का जीवन: मुख्यमंत्री
देहरादून/भराणीसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित विधानसभा में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट एक अनुभवी जननेता थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण सार्वजनिक जीवन आम जनता की समस्याओं और उनके समाधान के लिए समर्पित किया। वे अपने पद और दायित्वों के साथ ही आम लोगों से गहरे जुड़ाव के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बिष्ट ने एक साधारण परिवार से निकलकर छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, विधायक और मंत्री के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। इस पूरी राजनीतिक यात्रा में आम आदमी की समस्याएं और जनसरोकार उनके कार्यों के केंद्र में रहे। विशेष रूप से श्रमिकों और मेहनतकश लोगों के प्रति उनका लगाव उनके व्यक्तित्व की बड़ी पहचान थी। उन्होंने अपनी आजीविका और अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले लोगों की आवाज को मजबूती प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बिष्ट ने एक साधारण परिवार से निकलकर छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, विधायक और मंत्री के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। इस पूरी राजनीतिक यात्रा में आम आदमी की समस्याएं और जनसरोकार उनके कार्यों के केंद्र में रहे। विशेष रूप से श्रमिकों और मेहनतकश लोगों के प्रति उनका लगाव उनके व्यक्तित्व की बड़ी पहचान थी। उन्होंने अपनी आजीविका और अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले लोगों की आवाज को मजबूती प्रदान की।
