डायट टिहरी में क्रियात्मक अनुसंधान कार्यशाला का प्रथम चरण संपन्न

टिहरी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) टिहरी में आयोजित तीन दिवसीय क्रियात्मक अनुसंधान कार्यशाला का प्रथम चरण शनिवार को संपन्न हुआ। इसमें जनपद के सभी विकासखंडों के प्रारंभिक विद्यालयों के 36 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में विद्यार्थियों की सीखने संबंधी कठिनाइयों की पहचान और उनके व्यावहारिक समाधान खोजने पर चर्चा की गई।
अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने संस्थान का अनुश्रवण कर शिक्षकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता अलग होती है, इसलिए उसकी कठिनाइयों को पहचानकर समाधान तलाशना जरूरी है। उन्होंने डीएलएड प्रशिक्षुओं की प्रथम सेमेस्टर परीक्षा का निरीक्षण भी किया। कार्यशाला में शिक्षकों ने गणितीय संकल्पनाओं, श्रुतलेख और जोड़-भाग से जुड़ी समस्याओं पर प्रस्तुतियां दीं। समन्वयक देवेन्द्र सिंह भंडारी और सह-समन्वयक डॉ. सुमन नेगी ने क्रियात्मक अनुसंधान की प्रक्रिया समझाई। कार्यशाला का दूसरा चरण एक माह बाद आयोजित होगा, जिसमें शिक्षक अपने अनुसंधान के निष्कर्ष साझा करेंगे।
