चुनौतियों के समाधान में विशेषज्ञों का शोध और आपसी विचार-विमर्श महत्वपूर्ण: सुबोध उनियाल

श्रीनगर गढ़वाल। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज में उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड राज्य शाखा के 29वें वार्षिक आईएपीएसएम सम्मेलन-2026 का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने किया। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के समाधान में विशेषज्ञों का शोध और आपसी विचार-विमर्श महत्वपूर्ण है। सम्मेलन में सामने आने वाले सुझाव स्वास्थ्य नीतियों को बेहतर बनाने में सहायक होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए चिकित्सकों से उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं देने के लिए डॉक्टरों को प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले चिकित्सकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार 50 प्रतिशत तक हिल्स अलाउंस दे रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को उपचार के साथ मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और अस्पतालों की स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने बेस चिकित्सालय परिसर में 245.54 लाख रुपये की लागत से बने 15 सीटर ट्रांजिट हॉस्टल और 150 लाख रुपये की लागत से स्थापित स्किल लैब का लोकार्पण किया। साथ ही 947.85 लाख रुपये की लागत से बनने वाले आठ टाइप-5 आवासों का शिलान्यास किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज की चौरास आवासीय कॉलोनी की मरम्मत कराने और जीवीके की जमीन पर खेल मैदान विकसित करने की भी घोषणा की।
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि ऐसे सम्मेलन चिकित्सा शिक्षा और जनस्वास्थ्य से जुड़ी नीतियों को बेहतर बनाने में उपयोगी हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. सीएमएस रावत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए शोध आधारित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। सम्मेलन में जनस्वास्थ्य और सामुदायिक चिकित्सा के क्षेत्र में योगदान के लिए विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। प्रोफेसर वीएन मिश्रा ओरेशन अवार्ड डॉ. सीएमएस रावत, प्रोफेसर देवकी नंदन लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रोफेसर सुरेश चंदिया और प्रोफेसर बीजी प्रसाद ओरेशन अवार्ड प्रोफेसर सीएम सिंह को प्रदान किया गया। डॉ. स्वाति खान, डॉ. जयराज सिंह हंसपाल और डॉ. खुर्शीद मुजम्मिल सहित अन्य चिकित्सकों को भी फेलोशिप से सम्मानित किया गया।
