चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और प्रशासनिक हस्तक्षेप का आरोप, विधायक ने उठाए सवाल

देहरादून। कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने पत्रकार वार्ता कर चुनाव प्रक्रियाओं, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और प्रशासनिक तंत्र की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र में जनता के विश्वास की बुनियाद हैं और किसी भी स्तर पर मतदाता के अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए।
निजामुद्दीन ने ग्राम प्रधान, नगर निकाय, सहकारिता और छात्रसंघ चुनावों से जुड़े कुछ मामलों का उदाहरण देते हुए चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने ग्राम नाथूनखेड़ी में प्रधान पद के चुनाव में आठ बार मतगणना कराए जाने, मंगलौर नगर पालिका के एक प्रत्याशी का नामांकन कथित रूप से रद्द किए जाने तथा सहकारिता चुनाव में परिसीमन बदलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में छात्र नेता की गिरफ्तारी और मतगणना प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। एसआईआर के तहत मतदाता सूची में होने वाले बदलाव पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि अंतिम सूची जारी होने से पहले प्रत्येक मतदाता के अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मताधिकार के संरक्षण के लिए आवाज उठाती रहेगी।
