शंकराचार्य ने काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान

देहरादून/वाराणसी। गुरु पूर्णिमा से पूर्व श्रीविद्यामठ, शंकराचार्य घाट पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की चरण पादुका का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजन किया गया। इस वर्ष शंकराचार्य जी चातुर्मास व्रत के लिए छत्तीसगढ़ में रहेंगे, इसलिए भक्तों ने पूर्व अनुमति लेकर यह पूजन संपन्न किया।
इस अवसर पर शंकराचार्य ने काशीवासियों और सभी सनातनियों से गुरु पूर्णिमा पर गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौमाता 33 करोड़ देवी-देवताओं की आश्रयस्थली हैं और उनकी सेवा व संरक्षण प्रत्येक सनातनी का कर्तव्य है। मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि शंकराचार्य जी 28 जुलाई को काशी से छत्तीसगढ़ के बेमेतरा स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां चातुर्मास के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ गौरक्षा अभियान को लेकर प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत, साध्वी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
