जच्चा-बच्चा की मौत मामले में जांच में देरी पर पति बच्चों संग धरने पर बैठा, आधे घंटे बाधित रहा यातायात

थराली। विकासखंड थराली के लेटाल गांव की गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की एंबुलेंस में हुई मौत के मामले की जांच में देरी से नाराज मृतका के पति नरेंद्र कुमार मंगलवार को अपने दो मासूम बच्चों और मां के साथ थराली मोटर पुल पर धरने पर बैठ गए। इससे करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सूचना पर उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह रावत और पुलिस मौके पर पहुंचे तथा समझाइश के बाद परिवार को तहसील ले गए, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
गौरतलब है कि 29 जून को प्रसव पीड़ा होने पर लेटाल गांव निवासी सरिता देवी (36) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में करीब चार घंटे तक रोकने के बाद उनकी बिगड़ती हालत में कर्णप्रयाग रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही एंबुलेंस में जच्चा और नवजात दोनों की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सा स्टाफ पर लापरवाही और एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर तक नहीं होने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
नरेंद्र कुमार का कहना है कि घटना को लंबा समय बीत जाने के बावजूद जांच पूरी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि सोमवार को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था, लेकिन मंगलवार को अस्पताल पहुंचने पर जांच टीम नहीं मिली। बार-बार संपर्क करने पर भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से वे परिवार सहित धरने पर बैठ गए और न्याय न मिलने पर पिंडर नदी में कूदने तक की चेतावनी दी।
तहसील में हुई वार्ता के दौरान उपजिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। विभाग ने आश्वासन दिया कि जांच टीम मंगलवार देर शाम तक थराली पहुंचकर पीड़ित परिवार के बयान दर्ज करेगी। प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।
