गुप्त नवरात्रि शक्ति साधना का पावन पर्व, दुर्लभ योग में होगा शुभारंभ: स्वामी रामभजन

हरिद्वार। अंतर्राष्ट्रीय संत स्वामी रामभजन वन महाराज ने कहा कि वर्ष 2026 की आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ इस बार अत्यंत शुभ एवं दुर्लभ संयोग में हो रहा है। उन्होंने बताया कि गजकेसरी योग और बुध-पुष्य योग के प्रभाव के कारण इस पर्व का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है।
स्वामी रामभजन वन महाराज के अनुसार 15 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि मनाई जाएगी। यह पर्व मां आदिशक्ति की आराधना, दस महाविद्याओं की साधना, तंत्र-मंत्र सिद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा, संयम और विधि-विधान से की गई साधना से साधक को विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों एवं दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। नवमी तिथि पर हवन, कन्या पूजन और नवरात्रि पारण का विशेष महत्व होता है। स्वामी रामभजन वन महाराज ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे नवरात्रि के दौरान जप, ध्यान, साधना और सेवा के माध्यम से मां भगवती की आराधना करें तथा समाज में सुख, शांति और सद्भाव की कामना करें।
