स्टॉप डायरिया अभियान के तहत 127 चिकित्सा इकाइयों में बनेंगे जिंक-ओआरएस कॉर्नर

रुद्रप्रयाग। जनपद में आगामी 1 अगस्त से 30 सितंबर तक संचालित होने वाले स्टॉप डायरिया अभियान की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बुधवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
एनआईसी सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों को सभी सार्वजनिक पेयजल टैंकों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा इसकी दैनिक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग को विद्यालयों में बच्चों को नियमित हैंडवॉश प्रैक्टिस कराने और डायरिया से बचाव को लेकर जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा। बाल विकास विभाग को अभिभावकों को डायरिया के लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य बच्चों को डायरिया से सुरक्षित रखना और समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत जनपद की सभी ’’127 चिकित्सा इकाइयों में निःशुल्क जिंक-ओआरएस कॉर्नर’’ स्थापित किए जाएंगे। यहां से बच्चों के लिए जिंक टैबलेट और ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आशा और एएनएम कार्यकर्ता पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों वाले घरों का भ्रमण कर ओआरएस वितरण के साथ अभिभावकों को डायरिया से बचाव, स्वच्छता और ओआरएस घोल बनाने की सही विधि की जानकारी देंगी। लक्षण मिलने पर बच्चों को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र भेजकर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, बाल विकास, पंचायतीराज, नगर निकाय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
