स्टाम्प शुल्क अपवंचन में करीब 1.90 करोड़ रुपये की शास्ति अधिरोपित

टिहरी। स्टाम्प शुल्क अपवंचन के चार मामलों में अपर जिलाधिकारी ’’शैलेंद्र सिंह नेगी’’ के न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए संबंधित पक्षों पर कुल ’’1 करोड़ 89 लाख 99 हजार 840 रुपये’’ की शास्ति अधिरोपित की है। जांच में पाया गया कि ग्राम तपोवन स्थित भूमि को विक्रय विलेख में खाली भूमि दर्शाकर पंजीकृत कराया गया था, जबकि मौके पर सात मंजिला फ्लैट निर्मित पाए गए। इसे भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की धारा 47ए के तहत स्टाम्प शुल्क की अपवंचना माना गया। न्यायालय ने प्रत्येक मामले में स्टाम्प शुल्क के साथ 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से अधिभार जोड़ते हुए ’’47 लाख 49 हजार 960 रुपये’’ की शास्ति लगाई। यह कार्रवाई अंकित भाटिया, नितेश कुमार और पंकज शर्मा से जुड़े चार मामलों में की गई है।
