45 दिन की कड़ी जांच के बाद ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, हत्या का आरोपी गिरफ्तार

गोपेश्वर/श्रीनगर गढ़वाल। चमोली पुलिस ने 45 दिन की गहन जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर एक जटिल ब्लाइंड मर्डर केस का सफल खुलासा करते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआत में गुमशुदगी के रूप में दर्ज यह मामला बाद में हत्या में तब्दील हुआ। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 18 मई 2026 को थाना गैरसैंण क्षेत्र के ग्राम देवपुरी (चिनीछानी) निवासी राजेन्द्र सिंह घर से काम के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनका मोबाइल फोन भी बंद हो गया। परिजनों की सूचना पर गैरसैंण पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर डॉग स्क्वॉड की मदद से व्यापक तलाश शुरू की।
23 मई को ग्राम देवपुरी स्थित घाड़ी गधेरे में राजेन्द्र सिंह का शव बरामद हुआ। मौके पर मृतक के दोनों पैर और एक हाथ रस्सी से बंधे मिले। पुलिस की फील्ड यूनिट और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से मोबाइल फोन, चप्पल, पानी की बोतल समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। प्रारंभिक जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर गुमशुदगी के मामले को हत्या में परिवर्तित कर मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन और पुलिस उपाधीक्षक त्रिवेन्द्र सिंह राणा के पर्यवेक्षण में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, संदिग्धों से पूछताछ की, वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया तथा डॉग स्क्वॉड से मिले सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
करीब 45 दिनों की लगातार जांच के बाद ग्राम देवपुरी निवासी देवेन्द्र सिंह पुत्र बलवंत सिंह की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में विवेचक निरीक्षक मनोज सिरोला, अपर उपनिरीक्षक अरुण कुमार, हेड कांस्टेबल धनपाल और अपर उपनिरीक्षक अनिल आगरी शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्य और सघन विवेचना के चलते इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाई जा सकी।
