सिलाई केंद्र से आत्मनिर्भर बनीं किरन देवी, अन्य महिलाओं को भी दे रहीं प्रशिक्षण

चमोली। विकासखंड देवाल के ग्राम खजडकोट निवासी किरन देवी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार की प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के सहयोग से उन्होंने अपना सिलाई केंद्र स्थापित कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है। साथ ही वे क्षेत्र की अन्य महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने का कार्य भी कर रही हैं।
सामान्य कृषक परिवार से आने वाली किरन देवी की रुचि बचपन से ही सिलाई-कढ़ाई में थी, लेकिन संसाधनों के अभाव में वह इसे व्यवसाय का रूप नहीं दे पा रही थीं। वर्ष 2023-24 में स्वयं सहायता समूह की सदस्य होने के कारण उनका चयन रीप परियोजना के तहत व्यक्तिगत उद्यम के लिए हुआ। एक लाख रुपये की लागत वाले इस उद्यम में परियोजना से 30 हजार रुपये की सहायता, 60 हजार रुपये का बैंक ऋण तथा शेष राशि स्वयं के अंशदान के रूप में लगाई गई। परियोजना के सहयोग से उन्होंने सिलाई मशीनें, पिको मशीन और अन्य उपकरण खरीदकर सिलाई केंद्र शुरू किया। वर्तमान में उनका केंद्र प्रतिमाह 9 से 10 हजार रुपये तक की आय दे रहा है। इस आय से वे परिवार की जरूरतों और बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन कर रही हैं। किरन देवी की सफलता अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है, जो प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
