ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर सीडीओ की सख्त निगरानी, रोजाना रिपोर्ट अनिवार्य

हरिद्वार। जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत एवं खंड विकास अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कचरा प्रबंधन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सभी निकाय घर-घर कचरा संग्रहण, गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण, बंद परिवहन प्रणाली और संवेदनशील डंपिंग स्थलों के स्थायी समाधान को प्राथमिकता दें। साथ ही प्रत्येक वार्ड में आरआरआर केंद्र स्थापित करने और नियम उल्लंघन पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए ग्राम पंचायतों को स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण लागू करने, खुले में कचरा फेंकने एवं जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा नियमित समीक्षा बैठकें करने के निर्देश दिए गए। सभी खंड विकास अधिकारियों को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजने को कहा गया। विद्यालयों में स्वच्छता जागरूकता अभियान, प्लास्टिक मुक्त वातावरण और प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को जोड़ने तथा सामाजिक संगठनों की भागीदारी से जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। वन क्षेत्रों, नदी तटों और पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध कचरा डंपिंग रोकने के लिए वन विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मिशन मोड में लागू करने पर सहमति जताई गई।
