तकनीकी संस्थानों के छात्र सीखेंगे एआई और कोडिंग, विभाग ने किया एमओयू
उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / राहुल गिरी,
देहरादून। प्रदेश के राजकीय पॉलीटेक्निक एवं अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं अब अपने नियमित पाठ्यक्रम के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कोडिंग और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की बारीकियां भी सीख सकेंगे। इस दिशा में प्राविधिक शिक्षा विभाग ने कोडयोगी फाउंडेशन और कम्प्यूटर एंड लर्न फाउंडेशन के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में हुए इस समझौते के तहत विद्यार्थियों को एआई के मूलभूत सिद्धांत, कोडिंग, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और इसके व्यावहारिक उपयोगों का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण की विशेषता यह होगी कि छात्र अपने स्मार्टफोन के माध्यम से अपनी भाषा में कहीं से भी इसे प्राप्त कर सकेंगे।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा को आधुनिक, रोजगारोन्मुख और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि यह पहल विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ उनकी समस्या समाधान क्षमता, नवाचार की सोच और रोजगार के अवसरों को भी मजबूत करेगी। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्रों को विभाग की ओर से दो अकादमिक क्रेडिट भी प्रदान किए जाएंगे।
कार्यक्रम के संचालन के लिए किसी अतिरिक्त कंप्यूटर लैब, आधारभूत संरचना या विशेष शिक्षक प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होगी। कोडयोगी फाउंडेशन कार्यक्रम का वित्तपोषण एवं संचालन करेगा, जबकि विभाग सभी पॉलीटेक्निक संस्थानों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करेगा।
कोडयोगी फाउंडेशन के संस्थापक प्रशांत चौधरी ने कहा कि फाउंडेशन की शुरुआत उत्तराखंड से हुई थी और यहां के कई छात्र आज बहुराष्ट्रीय कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। उन्होंने छात्रों से सीखने की जिज्ञासा बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि एक स्मार्टफोन और सीखने का संकल्प ही सफलता की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। यह पहल उत्तराखंड के तकनीकी छात्रों को भविष्य की उभरती तकनीकों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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