जिलाधिकारी ने पात्र लाभार्थियों को शीघ्र लाभ दिलाने के दिए निर्देश

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / प्रदीप कुमार,
पौड़ी। जनपद में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को जिला सभागार स्थित एनआईसी कक्ष में वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना एवं दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होमस्टे) योजना की जनपद स्तरीय चयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने की।
बैठक में पर्यटन विभाग के माध्यम से प्राप्त 22 आवेदनों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने पात्र आवेदनों पर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि स्वरोजगार योजनाएं स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं। उन्होंने आवेदन एवं स्वीकृति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने वाहन एवं होमस्टे आवेदकों से संवाद कर उनकी कार्ययोजना और पर्यटन क्षेत्र में संभावनाओं की जानकारी ली। साथ ही उन्हें गुणवत्ता, स्वच्छता और बेहतर आतिथ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर चुके आवेदकों के मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों और बैंकों को निर्देशित किया कि सभी आवेदनों की जांच एवं स्वीकृति प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी की जाए। बैठक में होमस्टे से जुड़े नक्शों और अन्य तकनीकी औपचारिकताओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटन आधारित स्वरोजगार योजनाएं युवाओं के लिए रोजगार का मजबूत माध्यम हैं और अधिक से अधिक पात्र लोगों को इनसे जोड़ा जाना चाहिए।
बैठक में पर्यटन विभाग के माध्यम से प्राप्त 22 आवेदनों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने पात्र आवेदनों पर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि स्वरोजगार योजनाएं स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं। उन्होंने आवेदन एवं स्वीकृति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने वाहन एवं होमस्टे आवेदकों से संवाद कर उनकी कार्ययोजना और पर्यटन क्षेत्र में संभावनाओं की जानकारी ली। साथ ही उन्हें गुणवत्ता, स्वच्छता और बेहतर आतिथ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर चुके आवेदकों के मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों और बैंकों को निर्देशित किया कि सभी आवेदनों की जांच एवं स्वीकृति प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी की जाए। बैठक में होमस्टे से जुड़े नक्शों और अन्य तकनीकी औपचारिकताओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटन आधारित स्वरोजगार योजनाएं युवाओं के लिए रोजगार का मजबूत माध्यम हैं और अधिक से अधिक पात्र लोगों को इनसे जोड़ा जाना चाहिए।
