सूबे की सहकारी समितियों के चुनावों में भाजपा का दबदबा, विपक्ष को लगा झटका

उत्तराखंड प्रहरी ब्यूरो / प्रदीप कुमार,
श्रीनगर। प्रदेश में शनिवार को सम्पन्न हुए सहकारी समितियों के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 98 प्रतिशत बोर्डों पर जीत दर्ज कर अपना मजबूत दबदबा कायम किया। क्रय-विक्रय सहकारी समितियों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की शानदार जीत से विपक्ष को बड़ा झटका लगा है।
प्रदेशभर की 39 सहकारी समितियों में से 38 में चुनाव सम्पन्न हुए, जिनमें भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का स्पष्ट वर्चस्व देखने को मिला। विभागीय आंकड़ों के अनुसार संचालक मंडल के लिए कुल 348 प्रतिनिधि निर्वाचित हुए, जिनमें 136 महिलाएं और 212 पुरुष शामिल हैं। अध्यक्ष पद पर 37 प्रतिनिधियों का चुनाव हुआ, जिनमें 16 महिलाएं और 21 पुरुष हैं, जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए 25 प्रतिनिधि चुने गए।
जिलेवार परिणामों में ऊधमसिंह नगर सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक 111 प्रतिनिधि निर्वाचित हुए। इसके अलावा नैनीताल में 99, देहरादून में 51, पौड़ी में 38, हरिद्वार में 35, उत्तरकाशी में 25, टिहरी में 23 और पिथौरागढ़ में 12 प्रतिनिधियों का निर्वाचन हुआ।
इस चुनाव की सबसे बड़ी उपलब्धि टिहरी की जौनपुर मगरा सहकारी समिति और हरिद्वार की लंढौर सहकारी समिति में देखने को मिली, जहां 68 वर्षों बाद पहली बार पूरी कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित हुई। इसे सहकारिता क्षेत्र में स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा और संगठनात्मक मजबूती का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस जीत को कार्यकर्ताओं की मेहनत, संगठन की मजबूती और सरकार की जनहितकारी नीतियों का परिणाम बताया। उन्होंने सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।
प्रदेशभर की 39 सहकारी समितियों में से 38 में चुनाव सम्पन्न हुए, जिनमें भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का स्पष्ट वर्चस्व देखने को मिला। विभागीय आंकड़ों के अनुसार संचालक मंडल के लिए कुल 348 प्रतिनिधि निर्वाचित हुए, जिनमें 136 महिलाएं और 212 पुरुष शामिल हैं। अध्यक्ष पद पर 37 प्रतिनिधियों का चुनाव हुआ, जिनमें 16 महिलाएं और 21 पुरुष हैं, जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए 25 प्रतिनिधि चुने गए।
जिलेवार परिणामों में ऊधमसिंह नगर सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक 111 प्रतिनिधि निर्वाचित हुए। इसके अलावा नैनीताल में 99, देहरादून में 51, पौड़ी में 38, हरिद्वार में 35, उत्तरकाशी में 25, टिहरी में 23 और पिथौरागढ़ में 12 प्रतिनिधियों का निर्वाचन हुआ।
इस चुनाव की सबसे बड़ी उपलब्धि टिहरी की जौनपुर मगरा सहकारी समिति और हरिद्वार की लंढौर सहकारी समिति में देखने को मिली, जहां 68 वर्षों बाद पहली बार पूरी कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित हुई। इसे सहकारिता क्षेत्र में स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा और संगठनात्मक मजबूती का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस जीत को कार्यकर्ताओं की मेहनत, संगठन की मजबूती और सरकार की जनहितकारी नीतियों का परिणाम बताया। उन्होंने सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।
