श्रीनगर गढ़वाल में बढ़ा वायु प्रदूषण, वैज्ञानिक अध्ययन में एक्यूआई और ब्लैक कार्बन स्तर चिंताजनक

श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग स्थित हिमालयी वातावरणीय एवं अंतरिक्ष भौतिकी शोध प्रयोगशाला द्वारा मई 2026 के मौसमीय परिवर्तन, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) और ब्लैक कार्बन स्तरों पर आधारित चतुर्थ सूचना बुलेटिन जारी किया गया। यह अध्ययन डॉ. आलोक सागर गौतम और उनकी शोध टीम द्वारा तैयार किया गया। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर त्रिलोक चंद्र उपाध्याय ने बुलेटिन जारी करते हुए कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान समाज और पर्यावरण संरक्षण के लिए उपयोगी होना चाहिए।
अध्ययन में 06 से 20 मई 2026 के बीच श्रीनगर गढ़वाल और आसपास के क्षेत्रों में तापमान, आर्द्रता, वायु गुणवत्ता, बायोमास बर्निंग और ब्लैक कार्बन स्तरों का विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार एक्यूआई स्तर 83 से बढ़कर 390 तक पहुंच गया, जो अत्यंत गंभीर श्रेणी में माना जाता है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी कि इस स्तर का प्रदूषण सांस संबंधी रोग, एलर्जी, आंखों में जलन और हृदय रोगों का खतरा बढ़ा सकता है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 07 मई को लगभग 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज तापमान 19 मई तक बढ़कर करीब 39 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं ब्लैक कार्बन स्तर 512 से बढ़कर 8502 तक दर्ज किया गया, जिसे हिमालयी पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताया गया। वैज्ञानिकों के अनुसार जंगलों की आग, बायोमास बर्निंग और बढ़ता तापमान इस स्थिति के प्रमुख कारण हैं।
शोध टीम ने बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा अस्थमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। साथ ही प्रशासन से नियमित ।फप् चेतावनी, वनाग्नि नियंत्रण और स्वच्छ ऊर्जा को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।
