एटीएस कॉलोनी में दहशत फैलाने वाले बिल्डर पर डीएम का बड़ा एक्शन

देहरादून। एटीएस कॉलोनी में आतंक और भय का माहौल पैदा करने वाले विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड गुंडा नियंत्रण अधिनियम-1970 के तहत पुनीत अग्रवाल को “गुंडा” घोषित कर 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया है।
प्रशासन के मुताबिक, पुनीत अग्रवाल पर डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक के साथ मारपीट, महिलाओं-बुजुर्गों से अभद्रता, बच्चों को धमकाने और अवैध निर्माण को लेकर कई गंभीर आरोप हैं। अप्रैल 2026 में एटीएस कॉलोनी में हुए विवाद के दौरान वैज्ञानिक के साथ मारपीट में उनका कान का पर्दा फट गया था। मामले में स्थानीय निवासियों, डीआरडीओ अधिकारियों और आरडब्ल्यूए की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने गोपनीय जांच कराई। जांच में आरोपी के खिलाफ कई आपराधिक मामले, वायरल वीडियो और लगातार शिकायतें सामने आने पर डीएम कोर्ट ने उसे आदतन अपराधी मानते हुए जनपद से बाहर रहने का आदेश जारी किया। आदेश उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। प्रशासन ने कहा कि आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
शस्त्र लाइसेंस भी किया निरस्त
देहरादून जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने एटीएस कॉलोनी में नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने के मामले में बिल्डर पुनीत अग्रवाल का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया है। साथ ही उनकी 32 बोर पिस्टल जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में रखने के निर्देश एसएसपी को दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने इसे लोक शांति और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए कार्रवाई की। इससे पहले पुनीत अग्रवाल को 6 माह के लिए जिला बदर भी किया जा चुका है।
