मुख्य सचिव उत्तराखंड को भेजा निस्तारण का निर्देश
हरिद्वार। क्षेत्र की बदहाल सड़कों, अधूरे सीवर कार्यों और विकास कार्यों में बरती जा रही लापरवाही के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता हिमांशु सरीन की अनूठी पहल अब प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर क्षेत्र की जमीनी हकीकत से रूबरू होने और चाय पर आमंत्रित करने वाले अधिवक्ता की शिकायत पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए उसे आवश्यक कार्रवाई एवं निस्तारण के लिए उत्तराखंड के मुख्य सचिव को भेज दिया है।
अधिवक्ता हिमांशु सरीन ने ग्राम हरिपुर कलां, गायत्री तपोवन आश्रम के पीछे, ऋषिकेश क्षेत्र की बदहाल सड़कों, अधूरे विकास कार्यों और सीवर व्यवस्था की अव्यवस्थाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र प्रेषित किया था। पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री को क्षेत्र में आकर स्वयं यहां की स्थिति देखने और चाय पर चर्चा करने का आमंत्रण दिया था। उनका उद्देश्य प्रधानमंत्री का ध्यान उन बुनियादी समस्याओं की ओर आकर्षित करना था, जिनसे स्थानीय निवासी लंबे समय से जूझ रहे हैं।
इस मामले में अब प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कार्रवाई की पहल की गई है। कार्यालय ने प्राप्त पत्र को शिकायत के रूप में स्वीकार करते हुए उचित निस्तारण के लिए उत्तराखंड के मुख्य सचिव को प्रेषित किया है। इसकी आधिकारिक जानकारी अधिवक्ता हिमांशु सरीन को प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त पत्र के माध्यम से मिली है।
हिमांशु सरीन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को लेकर बार-बार संबंधित विभागों और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद स्थानीय लोगों को राहत नहीं मिल रही है। सड़क, सीवर और अन्य मूलभूत सुविधाएं जनता की आवश्यकता हैं, न कि किसी प्रकार की विशेष मांग। जब स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं होता, तो आम नागरिक को अपनी आवाज उच्च स्तर तक पहुंचाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क निर्माण के नाम पर जगह-जगह खुदाई कर दी गई है, सीवर कार्य अधूरे पड़े हैं और टूटी सड़कों के कारण स्थानीय निवासियों को रोजाना आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण कार्यों में समन्वय और जवाबदेही की कमी का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। संबंधित विभागों को इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
