रेड और ऑरेंज अलर्ट को लेकर 24×7 अलर्ट मोड पर रहें अधिकारी: मुख्य सचिव

देहरादून। मौसम विभाग के रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने रविवार देर शाम राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) पहुंचकर प्रदेशभर में वर्षा और आपदा की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहते हुए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने वर्षा, नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन, राहत-बचाव कार्यों, बिजली, पेयजल और संचार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आकलन कर यूएसडीएमए को शीघ्र रिपोर्ट भेजने तथा प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संवेदनशील मार्गों पर पर्याप्त जेसीबी, पोकलैंड मशीन और तकनीकी दल तैनात रखने को कहा।
उन्होंने चारधाम यात्रा का संचालन मौसम और मार्ग की स्थिति के आधार पर करने तथा अत्यधिक बारिश या मार्ग अवरुद्ध होने पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने के निर्देश दिए। नदियों के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी, नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अलर्ट करने और डैम-बैराज से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों को पूर्व सूचना देने को कहा।
मुख्य सचिव ने गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और गंभीर रोगियों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही डेंगू की रोकथाम के लिए जलभराव वाले स्थानों पर सफाई, फॉगिंग और एंटी लार्वा अभियान चलाने तथा अस्पतालों में दवाइयों, जांच किट, बेड और रक्त की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने उत्तरकाशी में ट्रैकिंग के दौरान फंसे 10 दलों के 136 ट्रेकर्स के रेस्क्यू की भी समीक्षा की। सोमवार सुबह छह बजे से हेलीकॉप्टरों के माध्यम से रेस्क्यू शुरू करने, सभी ट्रेकर्स से संपर्क बनाए रखने और रेस्क्यू के बाद मेडिकल स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए। एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखने को कहा।
बागेश्वर के 43 ट्रेकर्स को लेकर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वे फंसे नहीं हैं, बल्कि मौसम खराब होने के कारण सुरक्षित स्थानों पर रोके गए हैं। मौसम की स्थिति के अनुसार उनकी आगे की रवानगी का निर्णय लिया जाएगा। मुख्य सचिव ने एसईओसी को रेस्क्यू अभियान की 24×7 मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
