नीट यूजी फर्जी दस्तावेज प्रकरण में दो और आरोपी गिरफ्तार, अब तक पांच पकड़े

देहरादून। नीट यूजी-2025 में कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के मामले में एसआईटी ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर को रायपुर और क्लेमेंटाउन थानों में अलग-अलग अभ्यर्थियों द्वारा सरकार के पोर्टल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र के लिए कूटरचित दस्तावेजों से ऑनलाइन आवेदन किए जाने के मामले में मुकदमे दर्ज हुए थे। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने एसपी ग्रामीण-1 जया बलोनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी।
एसआईटी ने जांच के दौरान संबंधित दस्तावेज कब्जे में लेकर शिक्षण संस्थानों से भी रिकॉर्ड जुटाए। जांच में अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में दर्ज पते गलत पाए गए। प्राप्त साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर संजय कुमार और गिरीश सिंह को पूछताछ के लिए थाना रायपुर लाया गया, जहां आवश्यक पूछताछ एवं साक्ष्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि संजय कुमार और गिरीश सिंह ने तीन अभ्यर्थियों के कूटरचित दस्तावेज, आधार कार्ड, डोमिसाइल और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाणपत्र तैयार कराने में सहयोग किया था। आरोप है कि इसके एवज में दोनों ने अनुचित धनराशि प्राप्त की और मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने में मदद की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय कुमार (30) निवासी डालनवाला, मूल निवासी वाराणसी और गिरीश सिंह (33) निवासी गढ़ी कैंट, मूल निवासी पिथौरागढ़ के रूप में हुई है। इससे पहले एसआईटी रुपेश पंडित, अरविंद कुमार और धीरज कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
