कर्नल अजय कोठियाल ने राहुल गांधी की टिप्पणियों पर उठाए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल

देहरादून। भाजपा महानगर कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व सैन्य अधिकारी एवं भाजपा नेता कर्नल अजय कोठियाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर कथित टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य नेतृत्व और कांग्रेस के ऐतिहासिक निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा, सेना का सम्मान और राष्ट्रीय हित राजनीति से ऊपर होने चाहिए।
कर्नल कोठियाल ने जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में तिब्बत नीति और 1954 के पंचशील समझौते पर सवाल उठाए। उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध का उल्लेख करते हुए तत्कालीन राजनीतिक एवं सैन्य नेतृत्व की भूमिका, सैन्य तैयारियों और सीमावर्ती मोर्चों पर रसद की उपलब्धता की समीक्षा की आवश्यकता बताई। उन्होंने रेजांग ला में 13 कुमाऊं के जवानों और नूरानांग में चौथी गढ़वाल राइफल्स के शौर्य को भी याद किया।
उन्होंने इंदिरा गांधी के कार्यकाल में मिजोरम में वायुसेना की कार्रवाई, 1975 के आपातकाल और 1984 में स्वर्ण मंदिर में सैन्य अभियान जैसे घटनाक्रमों का जिक्र कर कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही के सवाल उठाए। राहुल गांधी के राजनीतिक आचरण पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जिम्मेदार भाषा के इस्तेमाल की आवश्यकता बताई।
कर्नल कोठियाल ने अजीत डोभाल के सुरक्षा एवं खुफिया क्षेत्र में योगदान का उल्लेख करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट कार्रवाई और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संस्थानों पर चर्चा तथ्यों, मर्यादा और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर होनी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों पर पार्टी का आधिकारिक पक्ष स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही कहा कि सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
कर्नल कोठियाल ने जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में तिब्बत नीति और 1954 के पंचशील समझौते पर सवाल उठाए। उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध का उल्लेख करते हुए तत्कालीन राजनीतिक एवं सैन्य नेतृत्व की भूमिका, सैन्य तैयारियों और सीमावर्ती मोर्चों पर रसद की उपलब्धता की समीक्षा की आवश्यकता बताई। उन्होंने रेजांग ला में 13 कुमाऊं के जवानों और नूरानांग में चौथी गढ़वाल राइफल्स के शौर्य को भी याद किया।
उन्होंने इंदिरा गांधी के कार्यकाल में मिजोरम में वायुसेना की कार्रवाई, 1975 के आपातकाल और 1984 में स्वर्ण मंदिर में सैन्य अभियान जैसे घटनाक्रमों का जिक्र कर कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही के सवाल उठाए। राहुल गांधी के राजनीतिक आचरण पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जिम्मेदार भाषा के इस्तेमाल की आवश्यकता बताई।
कर्नल कोठियाल ने अजीत डोभाल के सुरक्षा एवं खुफिया क्षेत्र में योगदान का उल्लेख करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट कार्रवाई और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संस्थानों पर चर्चा तथ्यों, मर्यादा और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर होनी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों पर पार्टी का आधिकारिक पक्ष स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही कहा कि सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
