हिंदी हमारी राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक पहचान की सशक्त अभिव्यक्ति: मुख्यमंत्री


देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित हिंदी दिवस समारोह में साहित्यकारों, लेखकों, भाषाविदों, छात्र-छात्राओं और हिंदी प्रेमियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी दिवस हमारी संस्कृति, सभ्यता और राष्ट्रीय चेतना के गौरव को संजोने तथा उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है। हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक पहचान की सशक्त अभिव्यक्ति है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी ने देश के विभिन्न क्षेत्रों, भाषाओं, बोलियों और संस्कृतियों के बीच संवाद का सेतु बनकर ‘विविधता में एकता’ की भावना को मजबूत किया है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति और भाषाओं को वैश्विक मंचों पर नई प्रतिष्ठा मिली है। प्रधानमंत्री विश्व के विभिन्न मंचों पर भारतीयता और अपनी सांस्कृतिक पहचान को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि जब हम अपनी भाषा, संस्कृति और जड़ों पर गर्व करते हैं, तो विश्व भी हमारी समृद्ध विरासत का सम्मान करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीक का है। ऐसे में हिंदी को केवल पुस्तकों और कक्षाओं तक सीमित न रखकर विज्ञान, तकनीक, शोध और डिजिटल दुनिया की भी मजबूत भाषा बनाना होगा। उन्होंने युवाओं से नई तकनीक और अन्य भाषाओं को सीखने के साथ अपनी हिंदी और मातृभाषा पर गर्व बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग हिंदी को दुनिया के हर मंच तक पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, प्रो. जगत सिंह बिष्ट, सचिव भाषा विभाग उमेश नारायण पांडे, निदेशक भाषा मायावती ढकरियाल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।


विद्यार्थियों को उद्यमिता के लिए किया प्रेरित

लंबगांव। राजकीय महाविद्यालय नौघर लंबगांव में देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत आयोजित हिंदी दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार, परियोजना अधिकारी दिग्विजय सिंह और नोडल अधिकारी डॉ. तरुण मोहन ने किया। परियोजना अधिकारी ने विद्यार्थियों को विभिन्न व्यवसायों और उद्यमिता के अवसरों की जानकारी देते हुए स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. नितिन कुमार ने हिंदी दिवस के महत्व और हिंदी के व्यापक विस्तार पर विचार रखे तथा स्वरचित कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

संगोष्ठी में रोजगार की संभावनाओं पर की चर्चा

श्रीनगर गढ़वाल। एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में हिंदी दिवस समारोह आयोजित किया गया। संगोष्ठी में हिंदी की समृद्ध परंपरा, वर्तमान स्थिति और बदलते भाषाई परिदृश्य पर चर्चा हुई। विभागाध्यक्ष प्रो. मंजुला राणा ने कहा कि हिंदी साहित्य के साथ तकनीक, मीडिया, पत्रकारिता, प्रशासन और रोजगार के क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार कर रही है। मुख्य वक्ता डॉ. विश्वेश वाग्मी ने संस्कृत से आधुनिक हिंदी तक भाषा के विकास पर प्रकाश डाला। डॉ. कपिल देव पंवार ने डिजिटल मीडिया, अनुवाद, विज्ञापन, कंटेंट लेखन और तकनीकी संचार में रोजगार के अवसर बताए। शोधार्थियों ने विचार और रचनाएं प्रस्तुत कीं।

हिंदी दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित

टिहरी। राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में हिंदी दिवस पर निबंध, कविता वाचन और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेते हुए उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। निबंध प्रतियोगिता में शालिनी प्रथम, भूमिका द्वितीय और मनप्रीत तृतीय रहीं। कविता वाचन में सुरजी प्रथम, अंजली द्वितीय और कुसुम तृतीय रहीं। भाषण प्रतियोगिता में संजना प्रथम, भूमिका द्वितीय और किरण तृतीय स्थान पर रहीं। डॉ. ईरा सिंह और मीना ने हिंदी के ऐतिहासिक महत्व तथा डिजिटल युग में इसकी उपयोगिता पर विचार रखे। प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार सिंह ने विद्यार्थियों से दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया।

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