डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति पर किया मंथन

श्रीनगर गढ़वाल। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग की ओर से “डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई। मुख्य अतिथि लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने डिजिटल माध्यमों को कलाकारों के लिए व्यापक सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अवसर बताते हुए युवाओं से लोकजीवन और संस्कृति से जुड़े गीतों के सृजन का आह्वान किया। कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह ने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा दी। पद्मश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण ने ढोल सागर, पंवाड़ सहित लोक विधाओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में अपनी लोकसंस्कृति को जानना और उससे जुड़े रहना आवश्यक है।
